जो नज़र आता है सबको आसमाँ कुछ और है

  - Amit Nandan Dev
जोनज़रआताहैसबकोआसमाँकुछऔरहै
देखनेवालोंकीआँखोंकाजहाँकुछऔरहै
इब्तिदाकुछऔरथीतोइंतिहाँकुछऔरहै
लबपेआएजबतोदेखाकहकशाँकुछऔरहै
जोकहाउस्तादनेवोतोसहीथालफ़्ज़में
परअमलकेइंतिहाँमेंइम्तिहाँकुछऔरहै
ख़्वाबमेंजोबस्तियाँहमनेबसाईथींकभी
आँखखुलतेहीसमझआयामकाँकुछऔरहै
हमनेहरसूढूँढ़लीता'बीरख़्वाबोंकीमगर
क़िस्सा-गोकुछऔरथाअंदाज़-ए-बयाँकुछऔरहै
बातसीधीभीकहूँतोलगतीहैउलझीहुई
हरनिगहहरलफ़्ज़हरजुम्लायहाँकुछऔरहै
जोदिखाथाआइनोंमेंइकसलीबोंकाहुजूम
रूहबोलेजारहीथीकारवाँकुछऔरहै
हरसुख़नमेंलफ़्ज़काचेहरातोवैसाहीरहा
तर्ज़-ए-इदराक़-ए-दिल-ओ-जाँकाजहाँकुछऔरहै
देवजोदिखताहैदुनियामेंवोपर्दाहैफ़क़त
जोनज़रआतानहींवोसाएबाँकुछऔरहै
  - Amit Nandan Dev
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