नई ज़िंदगी की शुरूआत होगी

तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी

मुझे देख कर आईना मुस्कराया
कहीं रूह से रूह की बात होगी

न पूछो कि किस दर्द का मैं निशाना
जहाँ तुम न हो कैसी सौग़ात होगी

शब-ए-ग़म में जलते रहेंगे चराग़ाँ
अगर तेरी ज़ुल्फ़ों में ये रात होगी

मिरे दिल का मौसम भी बरसेगा शायद
अगर तेरी आँखों में बरसात होगी

चढ़ेगा मोहब्बत का रंग-ओ-नशा भी
कहीं देव से जब मुलाक़ात होगी

— Amit Nandan Dev

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