रंजिश को भुलाने में ज़रा वक़्त लगेगा

  - Amit Nandan Dev
रंजिशकोभुलानेमेंज़रावक़्तलगेगा
दिलफिरसेलगानेमेंज़रावक़्तलगेगा
हरज़ख़्मकीताज़ाहैअभीअपनीकहानी
क्याहालसुनानेमेंज़रावक़्तलगेगा
यूँँउसकीगलीछोड़केजानातोपड़ाहै
परख़ुदकोमनानेमेंज़रावक़्तलगेगा
'देव'उसकीमोहब्बतकाअसरदेखतोलेंगे
परहोशमेंआनेमेंज़रावक़्तलगेगा
अबकौनबताएकियेख़ामोशियाँक्याहैं
कुछराज़बतानेमेंज़रावक़्तलगेगा
लबतकतोपहुँचजाएगीबात-ए-दिल-ओ-जाँपर
आँखोंकोबतानेमेंज़रावक़्तलगेगा
रिश्तोंकीसियासतसेमैंथक-थककेगिराहूँ
अबख़ुदकोउठानेमेंज़रावक़्तलगेगा
सहराओंमेंतहज़ीबकेफूलोंकाभरमहै
इसवहमकोजानेमेंज़रावक़्तलगेगा
तदबीरसेथकजाएगीयेज़िंदगीइकदिन
बसमौतकोआनेमेंज़रावक़्तलगेगा
'देव'अबतसल्लीतबीबोंकीज़रूरत
इसदर्दकोजानेमेंज़रावक़्तलगेगा
  - Amit Nandan Dev
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