
दुआ में तुम जिसे माँगो वही फ़रहाद होना था
सनम को रब समझकर इश्क़ में प्रहलाद होना था
सरल शब्दों में बोलूँ तो अलग दोनों में था बस ये
तुम्हें आबाद दिखना था मुझे बर्बाद होना था
— Rehaan
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