हटा पर्दा जो इक चेहरे से तो धक्का लगा मुझ कोकि हर इक़रार हर इज़हार फिर धोखा लगा मुझ कोन था इक बूँद भी आँसू गवारा जिस की आँखों मेंवही दिल तोड़ कर लेकिन बड़ा अच्छा लगा मुझ को— Rehaan