
कभी आसान होती है कभी मुश्किल बड़ी होती
कहाँ होती शुरू किस मोड़ पर आ कर खड़ी होती
यही बस ज़िंदगी का सार समझोगे तो बेहतर है
कभी बरसात सुख की है कभी ग़म की झड़ी होती
— Aniket sagar
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