baant dale aise hamne dil ke tukde kaat kar | बांट डाले ऐसे हमने दिल के टुकड़े काट कर

  - Ankit Maurya

बांट डाले ऐसे हमने दिल के टुकड़े काट कर
जन्मदिन पे बांटते हैं केक जैसे काट कर

इक अँगूठी ले न पाएं उतने में उसके लिए
जोड़ रक्खे थें जो पैसे ज़ेब खर्चे काट कर

हम नदी के दो किनारे मिलना तो मुमकिन नहीं
पर मिलेंगे एक दिन दोनों किनारे काट कर

हौसलों पे उन परिंदों के न करना शक कभी
है रिहा होना जिन्हें पिंजरा परों से काट कर
'इश्क़ जिस
में ना बिछड़ने का ज़रा भी डर रहे
खेलना है खेल पर सांपों के खाने काट कर

ज़िन्दगी से ऐसे काटा सीन उसने 'इश्क़ का
देखता है कोई जैसे फ़िल्म गाने काट कर

  - Ankit Maurya

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