सच्चाई है कि ऐसे भी मंज़र मिले मुझेजब प्यास मिट गई तो समुंदर मिले मुझेहाथों को जिन के चूमा है अपना जिसे कहाइक दिन उन्हीं के हाथों में ख़ंजर मिले मुझेअंसार एटवी— Ansar Eatvi