रक़ीबों से तिरा रिश्ता मिरे जैसा नहीं होगा
अगर तू चुप रहे तो वो भी कुछ कहता नहीं होगा
चुनिंदा यार थे मेरे मुझे आगाह करते थे
मैं सब सेे कह रहा था यार वो ऐसा नहीं होगा
शिकन माथे पे है चेहरे पे सलवट आ रही है अब
हमारी 'उम्र में कोई नया क़िस्सा नहीं होगा
'अजब क़िस्मत है मेरी जो भी करता हूँ नहीं होता
मैं चाहूँगा अगर ऐसा तो फिर ऐसा नहीं होगा
कि हमने 'उम्र दे दी वक़्त उसने भी दिया था कुछ
उसे ग़म दूर जाने का कभी हम-सा नहीं होगा
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