सफ़ में दीवानों की आने के लिए 'इश्क़ करें
आग इस दिल में लगाने के लिए 'इश्क़ करें
हम उसे अपना बनाने के लिए 'इश्क़ करें
फिर सितम ये कि भुलाने के लिए 'इश्क़ करें
कब कहा हुस्न को पाने के लिए 'इश्क़ करें
हुस्न के नाज़ उठाने के लिए 'इश्क़ करें
रूठने और मनाने के लिए 'इश्क़ करें
कब कहा हम ने जताने के लिए 'इश्क़ करें
रब ने भेजा है चुकाने के लिए 'इश्क़ का क़र्ज़
बस वही क़र्ज़ चुकाने के लिए 'इश्क़ करें
कह चुकी तर्क-ए-तअल्लुक़ पे बहुत कुछ दुनिया
आप रस्मन ही निभाने के लिए 'इश्क़ करें
अक़्ल तो ख़ुद ही ठिकाने पे चली आएगी
आप बस दिल के ठिकाने के लिए 'इश्क़ करें
इससे बेहतर हैं ज़माने में कई और भी काम
दिल को क्यूँ अपने दुखाने के लिए 'इश्क़ करें
हम से दिल कौन लगाएगा ये छोड़ें 'साहिल'
आप तो सिर्फ़ फ़लाने के लिए 'इश्क़ करें
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