मेरे मिज़ाज की उस को ख़बर नहीं रही हैये बात मेरे गले से उतर नहीं रही हैये रोने-धोने का नाटक तवील मत कर अबबिछड़ भी जाए तू मुझ से तो मर नहीं रही है— Ashutosh Vdyarthi