nigaahon men tumko basaakar rakhoonga | निगाहों में तुमको बसाकर रखूँगा

  - Saroj Kumar

निगाहों में तुमको बसाकर रखूँगा
ज़माने से तुमको छुपाकर रखूँगा

बचाकर के रखना मेरी दिल-लगी को
मैं सीने से तुमको लगाकर रखूँगा

मेरे पास रहना न अब दूर जाना
मैं पलकों पे तुमको बिठाकर रखूँगा

तेरे दिल का दीपक जलाकर के रखना
मेरे दिल के अरमाँ जगाकर रखूँगा

अगर साथ देने का वा'दा करो तो
मुहब्बत को दुल्हन बनाकर रखूँगा

  - Saroj Kumar

Rahbar Shayari

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