"तौबा है"
'रंजन' कल से सब चीज़ों से तौबा है
मुझ को उस की उम्मीदों से तौबा है
मेरा हो के नहीं मिरा जो बन पाए
मुझ को हाँ ऐसे लोगों से तौबा है
दिखलाना है मुझ को सीरत दिखलाओ
प्यारी मनमोहक शक्लों से तौबा है
कब तक वा'दा कर के नहीं निभाएँगे
देश की हाँ इन ग़द्दारों से तौबा है
प्यार में हारे लड़के मेरी बात सुने
अब से इन सस्ते हीरों से तौबा है
छोड़ो भी अब कितना आगे जाओगे
'रंजन' तेरी लंबी नज़्मों से तौबा है
— ABHISHEK RANJAN















