किसी के ये फ़साने हैंहक़ीक़त कोई जाने हैंहसीन ए शहर से पूछोकि हम किस के दीवाने हैंमुझे जो दिल सुनाता हैवो सब किस के तराने हैंमैं शाइ'र हूँ मोहब्बत कामेरे ग़म जाने माने हैं— Aayush Maikhuri