ज़रा सी देर ठहर कर सवाल करते हैं
सफ़र से आए हुओं का ख़याल करते हैं
मैं जानता हूँ मुझे मुझ सेे माँगने वाले
पराई चीज़ का जो लोग हाल करते हैं
वो दस्त-ए-आब हमें इसलिए नहीं होता
हम इस्तिफ़ादा नहीं देखभाल करते हैं
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