जब दिल ने तड़पना छोड़ दियाजलवों ने मचलना छोड़ दियापोशाक बहारों ने बदलीफूलों ने महकना छोड़ दियापिंजरे की सम्त चले पंछीशाख़ों ने लचकना छोड़ दियाकुछ अब के हुई बरसात ऐसीखेतों ने लहकना छोड़ दियाजब से वो समुंदर पार गयागोरी ने सँवरना छोड़ दियाबाहर की कमाई ने बेकलअब गाँव में बसना छोड़ दिया— Bekal Utsahi