मैं अपने लिए दूसरा ढूँढ़ता हूँ
न तुझ सा कोई बे-वफ़ा ढूँढ़ता हूँ
गवारा नहीं है मुझे उस की सूरत
दग़ाबाज़ से फ़ासला ढूँढ़ता हूँ
करे जो हिमायत मुहब्बत की हरदम
इसी तरह का क़ाफ़िला ढूँढ़ता हूँ
मेरे दिल की ख़्वाहिश की इज़्ज़त करे जो
यूँ शिद्दत से मैं दिल-रुबा ढूँढ़ता हूँ
निभाए जो उल्फ़त सलीक़े से 'दानिश'
तेरे शहर में हम-नवा ढूँढ़ता हूँ
— Danish Balliavi















