उसी शख़्स से दिल लगाना हमारा
है आसान रिश्ता निभाना हमारा
हमारी निगाहें हैं उस पर ही क़ायम
ज़रा देख लो मुस्कुराना हमारा
मुहब्बत की बातें करेंगे ग़ज़ल में
तो होगा ये इक दिन ज़माना हमारा
अदब से करेंगे अगर गुफ़तुगू हम
तो दुश्मन भी होगा दिवाना हमारा
महक आएगी ख़ुशबुओं की लबों से
तो मशहूर होगा फ़साना हमारा
वो जिस बज़्म में लाए तशरीफ़ 'दानिश'
वहाँ फिर ज़रूरी है जाना हमारा
— Danish Balliavi















