रात को नींद आती नहीं अब मुझेतेरी यादें जो ज़ालिम हैं मैं क्या करूँइस लिए साथ छोड़ा है तू ने मेरामैं तेरी याद में सिर्फ़ आहें भरूँ— Danish Balliavi