हम ने पागल हो जाना है
उड़ता बादल हो जाना है
तुम ने दिल पे छुरी चलाई
इस ने घाइल हो जाना है
हरा रहेगा पर वीराना भी
दिल ने जंगल हो जाना है
तुम भी हाँ कर दो जो तो
इश्क़ मुकम्मल हो जाना है
ऐसे दूर जो भगोगी तुम
मैं ने ओझल हो जाना है
बा'द तुम्हारे क्या ही होगा
सारा बोझल हो जाना है
हिज्र में रोयेंगी ये आँखें
चेहरा जल-थल हो जाना है
— Om Shukla















