उससे पूछो जिसे मनाना है
तुम को तो सिर्फ़ रूठ जाना है
यार मेरी यही तो ख़्वाहिश है
तेरे ही साथ घर बसाना है
तुमको बस डालने हैं स्टेटस्
हमको तो रिश्ता भी निभाना है
उफ़ मुझे देख तेरा शर्माना
क़त्ल का ये नया बहाना है
तुझको ही गुनगुनाते फिरते हैं
जैसे तू मीठा सा तराना है
जाँ कभी तो अकेले में आओ
तुमको अपने गले लगाना है
इश्क़ में तेरे मर नहीं सकते
बेटे का फर्ज़ भी निभाना है
कोई तो हो जो तोड़े दिल मेरा
हम को महफ़िल में दाद पाना है
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