maykhaane ki qadr hai meri nazaron mein | मयख़ाने की क़द्र है मेरी नज़रों में

  - Harsh saxena

मयख़ाने की क़द्र है मेरी नज़रों में
इसने जाने कितनी मौतें टाली हैं

  - Harsh saxena

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    उससे पूछो जिसे मनाना है
    तुम को तो सिर्फ़ रूठ जाना है

    यार मेरी यही तो ख़्वाहिश है
    तेरे ही साथ घर बसाना है

    तुमको बस डालने हैं स्टेटस्
    हमको तो रिश्ता भी निभाना है

    उफ़ मुझे देख तेरा शर्माना
    क़त्ल का ये नया बहाना है

    तुझको ही गुनगुनाते फिरते हैं
    जैसे तू मीठा सा तराना है

    जाँ कभी तो अकेले में आओ
    तुमको अपने गले लगाना है

    इश्क़ में तेरे मर नहीं सकते
    बेटे का फर्ज़ भी निभाना है

    कोई तो हो जो तोड़े दिल मेरा
    हम को महफ़िल में दाद पाना है
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    Harsh saxena
    हथेली पर तू मेरा नाम लिख ले
    मुझे मेहंदी की रंगत देखनी है
    Harsh saxena
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    ये मख़मली गद्दे तो तुझको ही मुबारक हों
    ऐ दोस्त मुझे बस माँ की गोद ही काफ़ी है
    Harsh saxena
    वो जिसकी याद ने जीना मुहाल कर रखा है
    उसी की आस ने मुझको सँभाल कर रखा है

    सियाह रातों में साए से बातें करता है
    तुम्हारे ग़म ने नया रोग पाल कर रखा है
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    Harsh saxena
    इसी कारण से मैं उसका बदन छूता नहीं यारों
    मुझे मालूम है क़िस्मत में वो लिक्खा नहीं यारों
    Harsh saxena

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