इस ज़माने में ऐसे बहुत हैंजिन के चेहरे पे चेहरे बहुत हैंहम से आदाब जीने के सीखोहम बुज़ुर्गों में बैठे बहुत हैंनौजवानों की मजबूरियाँ हैंसोचते कम समझते बहुत हैं— Hina taimuri