जिस ने "अभिनव" कर्ब बसर कर लेना है
उस ने अपनी रात सहर कर लेना है
अपनी क़ीमत को जिस ने पहचान लिया
हर दिल में उस शख़्स को घर कर लेना है
सब्र, मुरव्वत, फ़रज़ाना किरदार में ला
फिर तू ने हर हाल को सर कर लेना है
जिस ने अपनी जंग लड़ी हो शिद्दत से
उस ने अपना नाम अमर कर लेना है
इश्क़ बना कर नाव, चले जब दीवाना
उस ने राह बग़ैर सफ़र कर लेना है
अव्वल, अव्वल सबने आने की ज़िद है
क्या सबने मेहनत फ़र-फ़र कर लेना है?
ख़्वाबों की तस्वीर बनाने वालों ने
ख़्वाहिश को ही अपने 'पर' कर लेना है
— Abhinav Baishander















