आँसू जो उन के आँखों से निकल जाते हैंपत्थर दिल भी पल भर में ही पिघल जाते हैंज़ख़्मी होने से मैं दिल को बचाऊँ कैसेवो मुस्काते हैं तो ख़ंजर चल जाते हैं— S M Afzal Imam