दिल क़रार मुमकिन नहीं यहाँ
अब फ़रार मुमकिन नहीं यहाँ
अब ख़िज़ाँ बपा हो गई इधर
सो बहार मुमकिन नहीं यहाँ
बदगुमान है सब अभी मिरा
ए'तिबार मुमकिन नहीं यहाँ
राज़ को रखो राज़ अब मिले
पासदार मुमकिन नहीं यहाँ
— Taufique Habib
अब फ़रार मुमकिन नहीं यहाँ
अब ख़िज़ाँ बपा हो गई इधर
सो बहार मुमकिन नहीं यहाँ
बदगुमान है सब अभी मिरा
ए'तिबार मुमकिन नहीं यहाँ
राज़ को रखो राज़ अब मिले
पासदार मुमकिन नहीं यहाँ
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