

मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस
मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस
ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं
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Gham Shayari
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