सारे वतन के राज दुलारे

सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
भारत माँ की आँख के तारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
बुनियादी ता'लीम के बानी
हुब्ब-ए-वतन की ज़िंदा कहानी
इल्म के दरिया अम्न के धारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
मा'मूली उस्ताद से बढ़ कर
बन गए सारे मुल्क के रहबर
ग़म से कभी हिम्मत ही न हारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
देख के तेरी जेहद-ए-मुसलसल
छट गए ख़ुद ही दुख के बादल
फूल बने ग़म के अंगारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
गाँधी जी के राज़ के महरम
और जवाहर लाल के हमदम
अम्न-ओ-अमाँ के पालन-हारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
आज़ादी के दीप जलाए
तू ने वतन से दूर भगाए
अहद-ए-ग़ुलामी के अँधियारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
मुश्तरका तहज़ीब के मज़हर
इज्ज़-ओ-ख़ुलूस अख़्लाक़ के पैकर
सब की उम्मीदों के सहारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर प्यारे
तू है वतन का रहबर सच्चा
क्यूँ न वतन का बच्चा बच्चा
नाम तिरा इज़्ज़त से पुकारे
सद्र-ए-हुकूमत ज़ाकिर पियारे

— Kaif Ahmad Siddiqui

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