ख़ुदा ख़ुदा करूँँ क्यूँँकर यक़ीन है उस पर
लिखा जो उस ने मुक़द्दर यक़ीन है उस पर
न है सफ़र से शिकायत न ठोकरों का गिला
मुझे करेगा मुनव्वर यक़ीन है उस पर
दुआ करूँ कि न मेहनत पे मेरी मैल चढ़े
बलाएँ लेगा वो दम-भर यक़ीन है उस पर
मुझे शुऊर है नेकी की राह का 'माही'
नहीं रहेगी मुनक़्क़र यक़ीन है उस पर
— Karal 'Maahi'















