आग है इश्क़ पानी है ये वफ़ा
क्या ग़ज़ब की कहानी है ये वफ़ा
आप को फ़ाइदा दिखे तो करें
मेरी तो ज़िंदगानी है ये वफ़ा
क्या पता मो'जिज़ा हो जाए कहीं
बे-वफ़ा को सिखानी है ये वफ़ा
तब दरख़्तों पे नाम लिखते थे लोग
इतनी ज़्यादा पुरानी है ये वफ़ा
बे-वफ़ाई का डर सताएगा
ये न सोचो सुहानी है ये वफ़ा
गर वफ़ा होगी तो दिखेगी भी
अब नहीं आज़मानी है ये वफ़ा
हर किसी को नहीं हो पाता नसीब
इश्क़ की मेज़बानी है ये वफ़ा
— Kinshu Sinha















