मर जाते हैं हमारी आँखों के सामने
हम जिन्हें चाहते हैं जान से ज़्यादा
और हम बस देखते ही रह जाते हैं
कुछ नहीं कर पाते हैं
किसी के माँ बाप
किसी के भाई बहन
किसी की पत्नी
किसी का पति
किसी के यार दोस्त
सगे सम्बन्धी
सब हमारी ही आँखों के सामने
ख़त्म हुए चले जा रहे हैं
और हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं
और क्या दुख चाहिए इंसान को
इस दुनिया में
जो कहते हैं ख़ुद को
इस धरती का सब से ताकतवर इंसान
रोक के दिखा दे एक भी मौत
जो अचानक छीन लेती हे प्राण
एक नेक इंसान के।
— Kumar Rishi















