दो लोगों में प्यार हुआ था हुस्न और उदासी में
ऐसा पहली बार हुआ था हुस्न और उदासी में
ख़त्म जहाँ तू शुरूअ वाँ मैं ऐसे लड़ते थे
पहले यूँ इसरार हुआ था हुस्न और उदासी में
आधा आधा बाँट लिया था पूरी दुनिया को
मिल कर ये इकरार हुआ था हुस्न और उदासी में
राह वही थी लेकिन सारी ऊबड़ खाबड़ थी
रस्ता कब हमवार हुआ था हुस्न और उदासी में
एक में पल कर बड़ा हुआ था एक से चाहत थी
दिल उस का दो चार हुआ था हुस्न और उदासी में
— KUNAL















