दुनिया इक बन-वास है प्यारे

ख़ुद से मुझ को आस है प्यारे

मतलब से सब ही कहते हैं
तू तो मेरा ख़ास है प्यारे

पानी को मालूम है ये भी
कितनी मेरी प्यास है प्यारे

शुक्र करो उस भोले का बस
जो भी तेरे पास है प्यारे

बीवी उस की अच्छी होगी
जिस की अच्छी सास है प्यारे

उस को क्या डरना है ग़म से
जो भोले का दास है प्यारे

— Kush Pandey ' Saarang '

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Udasi Shayari

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