आए दिन मुझ सेे ख़फ़ा रहता है
दिल को इक डर सा लगा रहता है
सारा दिन प्यार करेगा मुझ से
जैसे तू घर पे बड़ा रहता है
सब से कहती है तुम्हारा शाइ'र
मेरे पहलू में पड़ा रहता है
इश्क़ वो खेल है जिस
में हर वक़्त
जान का ख़तरा बना रहता है
— Kushal Dauneria
दिल को इक डर सा लगा रहता है
सारा दिन प्यार करेगा मुझ से
जैसे तू घर पे बड़ा रहता है
सब से कहती है तुम्हारा शाइ'र
मेरे पहलू में पड़ा रहता है
इश्क़ वो खेल है जिस
में हर वक़्त
जान का ख़तरा बना रहता है
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