किसी को बनाने में क़िस्मत तो है ही
मगर अपने हाथों में मेहनत तो है ही
ये मुमकिन है तुझको हुनर देख चुन लें
वगरना तो फिर ख़ूबसूरत तो है ही
निकल जाए बाहर ही ग़ुस्सा तो अच्छा
कि फिर आप के घर में औरत तो है ही
सभी लड़कियाँ छिप गई शाम ढलते
कहो कुछ भी मर्दों की दहशत तो है ही
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