यार उस का भी सितमगर था सुना है मैं ने
पर बिछड़ने का उसे डर था सुना है मैं ने
बाप के हाथ में बँटवारे के कुछ काग़ज़ थे
भाई के हाथ में ख़ंजर था सुना है मैं ने
एक रस्ता जो बयाबान नज़र आता है
इस बयाबान में इक घर था सुना है मैं ने
आप के साथ कोई शख़्स हुआ करता था
आप के साथ मुक़द्दर था सुना है मैं ने
गुमशुदा लोग किसी रोज़ पलट आते थे
हर मुसाफ़िर का कोई दर था सुना है मैं ने
हम भी इक सुब्ह अचानक से ठहर जाएँगे
एक इंसान सिकंदर था सुना है मैं ने
ये जिसे छू के बनाया है 'ललित' दिल उस ने
ये कई साल से पत्थर था सुना है मैं ने
— Lalit Pandey















