हर मुश्किल का हल है पैसा
आज नहीं तो कल है पैसा
देखो इस मैं इतनी दम है
अब इंसाँ का बल है पैसा
शौक़ हुए हैं पैदा इतने
जीवन मैं बादल है पैसा
सब है जिस के पास वहीं ये
यार बहुत पागल है पैसा
गाँव नहीं है भूखा इस का
शहरों मैं तो जल है पैसा
ये हो सब अच्छा लगता है
आँखों का काजल है पैसा
पहले लोगों का कहना था
रिज़्क़ अधिक दलदल है पैसा
— Manish watan















