मुझे मिलने तो आना फिर चले जाना
हुआ है क्या बताना फिर चले जाना
मिरी तो मुश्किलें तुम ने नहीं देखीं
मगर चेहरा दिखाना फिर चले जाना
लिखा है ग़म हमारी क़िस्मतों में सो
इसे तुम ख़ुद मिटाना फिर चले जाना
रहो ख़ुशहाल चाहे फिर कहीं पर तुम
मुझे दिल से लगाना फिर चले जाना
यहाँ सब कह रहे हैं बे-वफ़ा मुझ को
इन्हें तुम सच बताना फिर चले जाना
— Manish watan















