रास्ते भर में जहाँ चार शजर बाक़ी हैतो परिंदों के वहाँ पर अभी घर बाक़ी हैआपने ठान लिया साथ निभाने का तोदिल लगाने के वही आज हुनर बाक़ी है— Mukesh Yadav