
ज़रा सी बात को पकडेंगे फिर तुम को डराएँगे
सियासत-दान हैं ये लोग बस नीचा दिखाएँगे
ये ख़ुद तो देश की अस्मत तलक को बेच देंगे पर
हमें ये देश पर क़ुर्बान हो जाना सिखाएँगे
— Nityanand Vajpayee
Other sher from the same pen
Voices in the same orbit
Poetry by feeling