निकलो न बे-नक़ाब ज़माना ख़राब है
और उस पे ये शबाब, ज़माना ख़राब है
सब कुछ हमें ख़बर है नसीहत न कीजिए
क्या होंगे हम ख़राब, ज़माना ख़राब है
पीने का दिल जो चाहे उन आँखों से पीजिए
मत पीजिए शराब, ज़माना ख़राब है
मतलब छुपा हुआ है यहाँ हर सवाल में
दो सोच कर जवाब, ज़माना ख़राब है
राशिद तुम आ गए हो ना आख़िर फ़रेब में
कहते न थे जनाब, ज़माना ख़राब है
— Noon Meem Rashid















