jo us ne kiya use sila de | जो उस ने किया उसे सिला दे

  - Obaidullah Aleem

जो उस ने किया उसे सिला दे
मौला मुझे सब्र की जज़ा दे

या मेरे दिए की लौ बढ़ा दे
या रात को सुब्ह से मिला दे

सच हूँ तो मुझे अमर बना दे
झूटा हूँ तो नक़्श सब मिटा दे

ये क़ौम अजीब हो गई है
इस क़ौम को ख़ू-ए-अम्बिया दे

उतरेगा न कोई आसमाँ से
इक आस में दिल मगर सदा दे

बच्चों की तरह ये लफ़्ज़ मेरे
माबूद इन्हें बोलना सिखा दे

दुख दहर के अपने नाम लिक्खूँ
हर दुख मुझे ज़ात का मज़ा दे

इक मेरा वजूद सुन रहा है
इल्हाम जो रात की हवा दे

मुझ से मिरा कोई मिलने वाला
बिछड़ा तो नहीं मगर मिला दे

चेहरा मुझे अपना देखने को
अब दस्त-ए-हवस में आईना दे

जिस शख़्स ने उम्र-ए-हिज्र काटी
उस शख़्स को एक रात क्या दे

दुखता है बदन कि फिर मिले वो
मिल जाए तो रूह को दिखा दे

क्या चीज़ है ख़्वाहिश-ए-बदन भी
हर बार नया ही ज़ाइक़ा दे

छूने में ये डर कि मर न जाऊँ
छू लूँ तो वो ज़िंदगी सिवा दे

  - Obaidullah Aleem

Aaina Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Obaidullah Aleem

As you were reading Shayari by Obaidullah Aleem

Similar Writers

our suggestion based on Obaidullah Aleem

Similar Moods

As you were reading Aaina Shayari Shayari