सिकंदर के सफ़र की बात निकले

कफ़न में से हों ख़ाली हाथ निकले

वो कल की फेसबुक वो 'कैफ़'-ओ-'शे'री'
वो देखो चाँद सूरज साथ निकले

मैं निकलूँ चाँदी और सोना पहन कर
मगर मिट्टी मिरी औक़ात निकले

तवक़्क़ो ले के वो आया था लेकिन
उसी जैसे मेरे हालात निकले

जहाँ अर्थी उठाई जा रही हो
उसी कूचे से क्यूँ बारात निकले

सितारों का शरफ़ क्या वो तो 'परवीन'
हमारी ज़ात के ज़र्रात निकले

— Parveen Kaif

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