सात सुहागनें और मेरी पेशानी! संदल की तहरीरभला पत्थर के लिखे को क्या धोएगीबस इतना हैजज़्बे की पूरी नेकी सेसब ने अपने अपने ख़ुदा का इस्म मुझे दे डाला हैऔर ये सुनने में आया हैशाम ढले जंगल के सफ़र मेंइस्म बहुत काम आते हैं!— Parveen Shakir