मेरी सारी शरारत और ख़ताओं में तुम्हीं तो थे
महकती सी बहकती सी फ़ज़ाओं में तुम्हीं तो थे
मेरी हस्ती पे काबिज़ मेरी नफ़सों की हो तुम रफ़्तार
ख़ुदा से माँगी उन सब ही दु'आओं में तुम्हीं तो थे
गुलों सी जो मैं हरदम खिलखिलाती मुस्कुराती सी
मेरे सरमाया बन मेरी अदाओं में तुम्हीं तो थे
ये नूरानी सा चेहरा बोलती आँखें हैं बातूनी
मेरे क़िस्से कहानी और सदाओं में तुम्हीं तो थे
मुकम्मल ज़िंदगानी हम सफ़र के साथ ही होती
जताए बिन निभाते उन वफ़ाओं में तुम्हीं तो थे
— Harpreet Kaur















