कौन अनहद है किस की हद है यहाँबस वही है जो मुस्तनद है यहाँउस के होने से है जहाँ का वजूदवरना हर शय ही लावलद है यहाँमौत के बा'द फ़ानी दुनिया में'प्रीत' बस तू ही मोतमद है यहाँ— Pritesh Bunker