nadi ne dhoop se kya kah diya rawaani men | नदी ने धूप से क्या कह दिया रवानी में

  - Rahat Indori

नदी ने धूप से क्या कह दिया रवानी में
उजाले पाँव पटकने लगे हैं पानी में

ये कोई और ही किरदार है तुम्हारी तरह
तुम्हारा ज़िक्र नहीं है मिरी कहानी में

अब इतनी सारी शबों का हिसाब कौन रखे
बड़े सवाब कमाए गए जवानी में

चमकता रहता है सूरज-मुखी में कोई और
महक रहा है कोई और रात-रानी में

ये मौज मौज नई हलचलें सी कैसी हैं
ये किस ने पाँव उतारे उदास पानी में

मैं सोचता हूँ कोई और कारोबार करूँँ
किताब कौन ख़रीदेगा इस गिरानी में

  - Rahat Indori

Charagh Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Rahat Indori

As you were reading Shayari by Rahat Indori

Similar Writers

our suggestion based on Rahat Indori

Similar Moods

As you were reading Charagh Shayari Shayari