har baat ko bataane men mushkil hai aur hai | हर बात को बताने में मुश्किल है और है

  - ARahman Ansari

हर बात को बताने में मुश्किल है और है
मुश्किल में जैसे मेरा अभी दिल है और है

दुनिया किसी ख़ता की सज़ा के इवज़ मिली
लेकिन सज़ा के बा'द जो हासिल है और है

मेरा बयान जो है फ़क़त मेरा ही नहीं
इस
में ख़ुदा की ज़ात भी शामिल है और है

हम जो भी कर रहे हैं कोई और काम है
और जो भी इस किताब में नाज़िल है और है

ये सोच कर यक़ीन का पीछा करेंगे आप
जो शख़्स भी यक़ीन के क़ाबिल है और है

  - ARahman Ansari

Sazaa Shayari

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