हर गली कूचे में बंदा है तुम्हारा
दिल लगाना जैसे धंधा है तुम्हारा
जब किया मन आते हो जाते हो तुम तो
मेरा दिल क्या कोई कमरा है तुम्हारा
किस की ख़ातिर मुझ को तन्हा छोड़ा तुम ने
कौन है जो ध्यान रखता है तुम्हारा
मैं तुम्हारी यादें सब लौटा रहा हूँ
यार इस बक्से में तोहफ़ा है तुम्हारा
— Rajat Bhardwaj















