उसकी आँख का काला काजल पागल है
पल में कर देता है घायल पागल है
वो है उड़ती तितली हाथ न आएगी
तू थामेगा उसका आँचल पागल है
धरती कब कहने वाली आओ बरसो
पर्वत पे बैठा ये बादल पागल है
ग़ैर हुई वो फिर भी उसकी ही हसरत
सच में तू तो सब सेे अव्वल पागल है
उसका पूछा नाम सहेली से उसकी
हाथ पकड़ कर बोली आ चल पागल है
इक वो ही अंजान वगरना 'इश्क़ में तो
उसकी चूड़ी कंगन पायल पागल है
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