हम ने जन्नत इन्हें दिखाई थीऔर दोज़ख में पड़ रहे हैं लोगहम हैं 'रिज़वाँ' बनी अबू-तालिबहम से सदियों से लड़ रहे हैं लोग— RIZWAN ALI RIZWAN